मेरे पापा की एक "अजीब सी आदत" - सत्य पर आधारित मज़ेदार हास्य कविता
मेरे पापा - अजीब सी आदत
सब लिखते है किताबों में,
वो लिखते है दीवारों पर
लोग बनाते है कलम को अपना हथियार ,
उनके हथियार है पत्थर और परकार
लिखते है वो दीवारों पर अपने मूंछ दाढ़ी का रिकॉर्ड,
दीवारों को ही बना रखा है अपना ब्लैक बोर्ड
दिनांक इतने को मूंछ दाढ़ी है बनवाया
शनिवार को था बाल कटवाया 😂😂😂
उनकी ये आदत है , या है वो बीमार
ऐसे ही वाक्यों से सजी रहती है हमारे घर की दिवार 😖😖😖
घर हमारा अब नहीं रहा मकान,
लगता है "जैसे नाई की हो दुकान " 😕😕😕

Nice
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